अर्थ अधिगम का संकिर्ण अर्थ “सीखना” अधिगम का व्यापक अर्थ “व्यवहार में परिवर्तन” पक्ष 1- संज्ञानात्मक पक्ष 2- क्रियात्मक पक्ष 3- भावानात्मक पक्ष विधियां, प्रकार परिभाषा – व्यक्ति के व्यवहार में अभ्यास, प्रशिक्षण, अनुभव के कारण आए स्थाई परिवर्तन को अधिगम कहते हैं। क्रो एंड क्रो के अनुसार – आदत, अभिवृद्धि और ज्ञान का अर्जन …
सीखने के 3 पक्ष होते हैं- क्रियात्मक पक्ष, भावनात्मक पक्ष, संज्ञानात्मक पक्ष/ज्ञानात्मक पक्ष चिंतन विचार करने की एक मानसिक प्रक्रिया है। जिसका आरंभ समस्या के साथ होता है तथा समस्या के अंत तक चलने वाली प्रक्रिया है। रॉस के अनुसार – चिंतन मानसिक क्रिया का एक ज्ञानात्मक पहलू है। अथवा मन की बातों से संबंधित …
व्यक्तिगत विभिन्नता व्यक्तिगत विभिन्नता का संम्प्रत्यय सबसे पहले 1869 फ्रांसिस गाल्टन ने अपनी पुस्तक ” Heredetry ginis ” में प्रस्तुत किया था। यह मात्रात्मक/संख्यात्मक होती है ना की गुणात्मक होती। मनोविज्ञान की वह शाखा जिसमें मात्रात्मक / संख्यात्मक विभेद करने वाले विभिन्नता को व्यक्तिगत व्यक्तिगत विभिन्नता कहते हैं। B.F. स्किनर के अनुसार – मापन किया …
बुद्धि 1885 ई.में फ्रांसिस गाल्टन ने सर्वप्रथम बुद्धि शब्द का प्रयोग किया। जीवन की समस्याओं को हल करने का गुण या विभिन्न प्रकार की योग्यताओं का नाम बुद्धि है। समायोजन की योग्यता स्टर्न क्रुज बर्ट कालविन फ्रीमैन सीखने की योग्यता बकिंघम डिअर वार्न मैक्डयूगल थार्नडाइक फ्रीमैन अमूर्त चिंतन की योग्यता बिन्ने स्पीयर मैन टरमन फ्रीमैन …
पर्वत पृथ्वी की सतह पर स्थित द्वितीय श्रेणी की भू आकृति एवं उच्चावच का लक्षण है।जिसकी उत्पत्ति भूगर्भिक क्रियाओं के कारण उत्पन्न अन्तर्जात बल से वलन, भ्रंशन एवं ज्वालामुखी क्रिया के परिणाम स्वरुप होती है।इन क्रियाओं की विविधता के कारण विभिन्न प्रकार के पर्वतों की भौतिक संरचना में भी विविधता पाई जाती है। लेकिन सामान्य …
प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत ( Plate tectonic theory) यह सिद्धांत भूगर्भिक समस्याओं के समाधान के संदर्भ में क्रांतिकारी साबित हुआ क्योंकि प्रायः सभी प्रकार की धार्मिक क्रियाओं की व्याख्या की जा सकती है। प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत का विकास 1960 के दशक में विभिन्न भूगोलवेत्ताओं एवं वैज्ञानिकों के संयुक्त प्रयास से हुआ। जिसमें यह माना गया कि …
व्यक्तित्व (personality) Personality लैटिन भाषा के Persona (मास्को/मुखौटा) शब्द से बना है। प्राचीन काल में व्यक्तित्व का मापन शारीरिक रचना/वाह्यरुप से किया जाता था। आधुनिक काल में व्यक्तित्व का मापन आंतरिक गुणों के आधार पर की जाती है। व्यक्तित्व दो शब्दों से मिलकर बना है। व्यक्ति (आंतरिक रूप)+ तत्व (नकारात्मक, सकारात्मक तत्व) व्यक्तित्व की परिभाषा …